Poetry

वफ़ा

वो आए हमारी चौखट पर आँखों में एक नशा सा लिए अंधेरों की मेहफिल में मानो शमा का वो चिल्मन जलने की ही देरी थी तन्हाई का आलम ढलने में मानो उनके दस्‍तक की ही देरी थी उस एक साँस मे हम थे, वो थे, और वो भरा पैमाना और थम गया था वक़्त में … Continue reading